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Divine Dental Careडेंटल क्लिनिक · अंकलेश्वर

कॉस्मेटिक डेंटिस्ट्री

अंकलेश्वर में टीथ व्हाइटनिंग

डेंटिस्ट की देखरेख में व्हाइटनिंग, जिससे आपके दांतों का प्राकृतिक रंग हल्का होता है – पहले यह जांच की जाती है कि दांत और मसूड़े स्वस्थ हैं।

चमकदार सफ़ेद आगे के दांतों और ऊपर के दांतों पर लगाई जा रही पारदर्शी व्हाइटनिंग ट्रे के साथ मुस्कान का चित्र

समय के साथ दांतों का रंग अपने आप गहरा होता जाता है। चाय, कॉफी, पान, तंबाकू, कुछ दवाइयां और बढ़ती उम्र – इन सबसे दांत पीले या फीके दिख सकते हैं। टीथ व्हाइटनिंग (दांत सफेद करना) में ब्लीचिंग जेल से आपके दांतों का प्राकृतिक रंग हल्का किया जाता है, और जब यह डेंटिस्ट (दांतों के डॉक्टर) की देखरेख में होता है, तो जेल ध्यान से लगाया जाता है और आपके मसूड़ों को बचाकर रखा जाता है।

व्हाइटनिंग से पहले यह जानना मददगार है कि दांतों का रंग किस वजह से बदला है। कुछ दाग ऊपरी सतह पर होते हैं और क्लिनिक में दांतों की सफाई और स्केलिंग से हट जाते हैं। कुछ दाग दांत के अंदर गहरे होते हैं और उन पर ब्लीचिंग का असर बेहतर होता है। अंकलेश्वर के Divine Dental Care में डेंटिस्ट पहले आपके दांतों की जांच करती हैं और बताती हैं कि व्हाइटनिंग से फायदा होने की उम्मीद है या नहीं।

इलाज में क्या होता है

डेंटल व्हाइटनिंग जेल में हाइड्रोजन पेरोक्साइड या कार्बामाइड पेरोक्साइड होता है, जो दांत के अंदर के दागों को तोड़ता है। डेंटिस्ट की देखरेख में व्हाइटनिंग आमतौर पर क्लिनिक में की जाती है, या घर पर आपके दांतों के नाप से बनी ट्रे के साथ, या दोनों को मिलाकर। आपके दांतों के लिए कौन सा तरीका सही है, यह डेंटिस्ट बताएंगी।

शुरू करने से पहले इसकी सीमाएं जानना जरूरी है:

  • व्हाइटनिंग सिर्फ असली (प्राकृतिक) दांतों पर काम करती है। क्राउन, विनियर्स, ब्रिज और दांत के रंग की फिलिंग का रंग नहीं बदलता, इसलिए जो दिखाई देते हैं, उन्हें मैच करने के लिए बाद में बदलना पड़ सकता है।
  • कुछ दवाइयों, पुरानी चोट या रूट कैनाल हुए दांत की वजह से आए स्लेटी या भूरे दाग पर असर कम हो सकता है। विनियर्स या बॉन्डिंग जैसे दूसरे विकल्पों के बारे में हमारे कॉस्मेटिक डेंटिस्ट्री पेज पर बताया गया है।
  • नतीजे हर व्यक्ति में अलग होते हैं, इसलिए किसी पक्के शेड (रंग) का वादा नहीं किया जा सकता।

जब तक सड़न (कीड़ा लगना) या मसूड़ों की बीमारी का इलाज नहीं हुआ हो, तब तक व्हाइटनिंग नहीं की जाती, और कई डेंटिस्ट सावधानी के तौर पर प्रेग्नेंसी और बच्चे को दूध पिलाने के दौरान इसे टालने की सलाह देते हैं।

मरीज आमतौर पर किन वजहों से आते हैं

  • उम्र के साथ पीले हुए दांत
  • चाय, कॉफी, पान या तंबाकू के दाग
  • शादी, त्योहार या परिवार के किसी फंक्शन से पहले ज्यादा चमकदार मुस्कान चाहना
  • कोई एक दांत जो बाकी दांतों से गहरे रंग का दिखता है
  • क्राउन या विनियर्स लगवाने की योजना, ताकि नया काम हल्के शेड से मैच किया जा सके
  • व्हाइटनिंग टूथपेस्ट या घरेलू नुस्खे आजमाने के बाद भी खास फर्क न पड़ना

Divine Dental Care में इलाज कैसे होता है

  1. पहले चेक-अप (जांच)। डेंटिस्ट आपके दांतों और मसूड़ों में सड़न, घिसा हुआ इनेमल (दांत की ऊपरी सख्त परत), मसूड़ों की समस्या या लीक होती फिलिंग की जांच करती हैं, जिन पर व्हाइटनिंग से पहले ध्यान देना जरूरी है।
  2. आपका शेड नोट करना। आपके दांतों का अभी का रंग नोट किया जाता है, ताकि बाद में आप तुलना कर सकें।
  3. सफाई। ऊपरी दाग और टार्टर हटाए जाते हैं, क्योंकि साफ दांतों पर व्हाइटनिंग बेहतर काम करती है।
  4. मसूड़ों को बचाना। जेल लगाने से पहले मसूड़ों पर एक सुरक्षा परत लगाई जाती है; घर पर व्हाइटनिंग के लिए आपके दांतों के नाप की ट्रे बनाई जाती हैं और आपको उनका इस्तेमाल करना सिखाया जाता है।
  5. व्हाइटनिंग। जेल उतने समय के लिए लगाया जाता है, जितना डेंटिस्ट आपके लिए सही समझती हैं। एक से ज्यादा सेशन की जरूरत पड़ सकती है।
  6. दोबारा जांच। डेंटिस्ट नतीजा और कोई सेंसिटिविटी जांचती हैं, और रंग बनाए रखने के बारे में सलाह देती हैं।

इलाज के बाद देखभाल और रिकवरी

व्हाइटनिंग के बाद कुछ दिनों तक अक्सर दांतों में ठंडा लगता है, और मसूड़ों में हल्की जलन महसूस हो सकती है। यह आमतौर पर कुछ समय के लिए ही होता है। सेंसिटिव दांतों वाला टूथपेस्ट मदद कर सकता है; अगर सेंसिटिविटी ज्यादा हो या ठीक न हो, तो डेंटिस्ट को बताएं।

पहले एक-दो दिन कई डेंटिस्ट गहरे रंग वाली खाने-पीने की चीजों से बचने की सलाह देते हैं, जैसे चाय, कॉफी, कोला, ज्यादा हल्दी वाली सब्जी-करी और लाल सॉस, क्योंकि इस समय दांतों पर दाग आसानी से लग सकते हैं। व्हाइटनिंग हमेशा नहीं टिकती। आपकी आदतों के हिसाब से नतीजे अक्सर कई महीनों से लेकर कुछ सालों तक रहते हैं। तंबाकू से दूर रहना, चाय या कॉफी के बाद पानी से कुल्ला करना और नियमित सफाई से दांत ज्यादा समय तक चमकदार रहते हैं। आप अंकलेश्वर में व्हाइटनिंग कंसल्टेशन के लिए अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या टीथ व्हाइटनिंग मेरे दांतों के इनेमल के लिए सुरक्षित है?

जब व्हाइटनिंग की योजना डेंटिस्ट बनाएं, उनकी देखरेख में हो और बताए अनुसार इस्तेमाल की जाए, तो इसे आमतौर पर इनेमल के लिए सुरक्षित माना जाता है। समस्याएं होने की संभावना तब ज्यादा होती है जब इसका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल हो, या ऐसे प्रोडक्ट इस्तेमाल हों जिनकी ताकत (स्ट्रेंथ) पता न हो।

क्या व्हाइटनिंग मेरे क्राउन या फिलिंग पर काम करेगी?

नहीं। व्हाइटनिंग सिर्फ असली दांतों का रंग हल्का करती है। क्राउन, विनियर्स और फिलिंग का रंग वैसा ही रहता है, इसलिए डेंटिस्ट बताएंगी कि बाद में मैच करने के लिए इनमें से किसी को बदलने की जरूरत पड़ सकती है या नहीं।

मेरे दांत कितने सफेद होंगे?

यह आपके दांतों के प्राकृतिक रंग और दाग की वजह पर निर्भर करता है। कई लोगों को साफ फर्क दिखता है, लेकिन नतीजे का ठीक-ठीक अंदाजा पहले से नहीं लगाया जा सकता। शुरू करने से पहले डेंटिस्ट आपसे इस बारे में बात करेंगी कि असल में कितनी उम्मीद रखनी चाहिए।

क्या ऑनलाइन खरीदी गई व्हाइटनिंग किट इस्तेमाल करना ठीक है?

पहले किसी डेंटिस्ट से बात करना ज्यादा सुरक्षित है। बिना चेक-अप के व्हाइटनिंग करने से सड़न जैसी समस्याएं छिप सकती हैं, और अनजान ताकत वाले प्रोडक्ट से मसूड़ों में जलन हो सकती है या दांत सेंसिटिव हो सकते हैं।

क्या टीनएजर (किशोर) दांत सफेद करवा सकते हैं?

बच्चों और कम उम्र के टीनएजर को आमतौर पर व्हाइटनिंग की सलाह नहीं दी जाती, क्योंकि उनके दांत अभी बन रहे होते हैं। डेंटिस्ट उम्र और दांतों की सेहत देखकर सलाह देंगी।

हर किसी का मुंह अलग होता है। आपके लिए सही इलाज तभी तय होता है जब Dr. Dhara M. Sudani आपके दांतों की जांच करती हैं और ज़रूरत हो तो एक्स-रे लेती हैं। यह पेज सामान्य जानकारी के लिए है, यह आपकी बीमारी की पहचान (डायग्नोसिस) नहीं है।

Divine Dental Care

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