रूट कैनाल ट्रीटमेंट, जिसे अक्सर RCT कहा जाता है, दांत के अंदर के नरम हिस्से – पल्प – का इलाज है, जब उसमें सूजन या इन्फेक्शन हो जाता है। गहरी सड़न (कीड़ा लगना), दरार या कोई पुरानी चोट से बैक्टीरिया पल्प तक पहुंच सकते हैं। अगर इलाज न कराया जाए, तो इससे तेज दांत दर्द, सूजन या फोड़ा (एब्सेस) हो सकता है, और आखिर में दांत भी जा सकता है।
RCT का मकसद आपके असली (प्राकृतिक) दांत को बचाना है। अंकलेश्वर में कई लोगों ने सुना है कि रूट कैनाल से डरना चाहिए, लेकिन लोकल एनेस्थीसिया (इंजेक्शन से हिस्सा सुन्न करना) के साथ ज्यादातर लोगों को यह एक गहरी फिलिंग (दांत भरवाना) जैसा ही लगता है। Divine Dental Care में डेंटिस्ट (दांतों के डॉक्टर) शुरू करने से पहले समझाती हैं कि RCT की सलाह क्यों दी जा रही है, दूसरे विकल्प क्या हैं और इलाज में क्या-क्या होगा।
इलाज में क्या होता है
हर दांत के अंदर एक खाली जगह होती है, जिसमें पल्प होता है – यानी नसें और खून की नलियां, जो जड़ों के अंदर पतले रास्तों में नीचे तक जाती हैं। इन्हीं रास्तों को रूट कैनाल कहते हैं। RCT के दौरान डेंटिस्ट:
- दांत और उसके आसपास के मसूड़े को लोकल एनेस्थीसिया से सुन्न करती हैं
- पल्प तक पहुंचने के लिए दांत के ऊपर एक छोटा सा छेद बनाती हैं
- इन्फेक्शन वाला या सूजा हुआ पल्प निकालती हैं, और कैनाल को साफ करके सही आकार देती हैं
- कैनाल के कीटाणु खत्म करती हैं, फिर उन्हें भरकर सील करती हैं
- छेद को टेम्पररी (कुछ दिनों के लिए) या पक्की फिलिंग से बंद करती हैं
चबाते समय सबसे ज्यादा दबाव पीछे के दांतों पर पड़ता है, और RCT के बाद वे ज्यादा भुरभुरे (जल्दी टूटने वाले) हो सकते हैं। इसलिए डेंटिस्ट अक्सर बाद में दांत को बचाने के लिए डेंटल क्राउन (कैप) लगवाने की सलाह देती हैं। आगे के दांतों में कभी-कभी सिर्फ फिलिंग काफी होती है। दांत और इन्फेक्शन के हिसाब से RCT एक ही विजिट में पूरा हो सकता है, या दो या उससे ज्यादा विजिट लग सकती हैं।
मरीज आमतौर पर किन वजहों से आते हैं
- तेज या टीस मारता दांत दर्द, खासकर चबाते समय या रात में
- गरम या ठंडा लगना (सेंसिटिविटी), जो खाना या पीना खत्म होने के बाद भी देर तक बना रहे
- मसूड़े में सूजन, या मसूड़े पर फुंसी जैसा छोटा दाना, जिससे पस निकल सकता है
- पुरानी चोट या ठोकर के बाद काला पड़ा हुआ दांत
- गहरी सड़न या टूटा हुआ दांत, जो नस के करीब तक पहुंच गया हो
- एक्स-रे में दिखा इन्फेक्शन, कभी-कभी तब भी जब कोई दर्द न हो
Divine Dental Care में इलाज कैसे होता है
- जांच और एक्स-रे। डेंटिस्ट दांत की जांच करती हैं, और जड़ों को और जड़ के सिरे पर किसी भी इन्फेक्शन को देखने के लिए कम रेडिएशन वाला डिजिटल एक्स-रे लेती हैं।
- आपके विकल्प समझाना। आपको बताया जाता है कि दांत बच सकता है या नहीं, RCT में क्या होता है, लगभग कितनी विजिट लग सकती हैं, और दूसरे विकल्प क्या हैं, जैसे दांत निकलवाना। आगे क्या करना है, यह आप तय करते हैं।
- लोकल एनेस्थीसिया। दांत और आसपास की जगह को सुन्न किया जाता है। अगर आपको बीच में रुकना हो, तो आप कभी भी हाथ उठा सकते हैं।
- कैनाल की सफाई। पल्प निकाला जाता है, और कैनाल को साफ किया जाता है, सही आकार दिया जाता है और उनके कीटाणु खत्म किए जाते हैं।
- सील करना। कैनाल को भरकर सील किया जाता है, और दांत को टेम्पररी या पक्की फिलिंग से बंद किया जाता है। अगर क्राउन की सलाह दी गई है, तो दांत के ठीक हो जाने के बाद उसकी योजना बनाई जाती है।
इलाज के बाद देखभाल और रिकवरी
कुछ दिनों तक दांत में दुखन महसूस होना आम है, खासकर दांत से काटते समय, और यह आमतौर पर अपने आप ठीक हो जाती है। दर्द की सिर्फ वही दवा लें जिसे आपके डॉक्टर या फार्मासिस्ट (केमिस्ट) आपके लिए सुरक्षित बताएं। हर रूट कैनाल में एंटीबायोटिक की जरूरत नहीं होती; आपको कोई दवा चाहिए या नहीं, यह डेंटिस्ट तय करेंगी।
जब तक पक्की फिलिंग या क्राउन नहीं लग जाता, उस तरफ से सख्त खाना न चबाएं, क्योंकि दांत में दरार आ सकती है। अगर कुछ दिनों बाद दर्द बढ़ जाए, सूजन आ जाए या टेम्पररी फिलिंग निकल जाए, तो क्लिनिक से संपर्क करें। अगर सूजन आंख या गर्दन की तरफ फैलने लगे, या सांस लेने या निगलने में तकलीफ हो, तो तुरंत अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में जाएं – देखें इमरजेंसी डेंटल केयर। अगर दांत दर्द ठीक नहीं हो रहा है, तो अंकलेश्वर के हमारे क्लिनिक में अपॉइंटमेंट बुक करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या रूट कैनाल ट्रीटमेंट में दर्द होता है?
इलाज शुरू होने से पहले दांत को लोकल एनेस्थीसिया से सुन्न किया जाता है, इसलिए ज्यादातर लोगों को दर्द की जगह दबाव और कंपन (वाइब्रेशन) महसूस होता है। बाद में कुछ दिनों तक थोड़ी दुखन होना आम है और यह आमतौर पर ठीक हो जाती है।
RCT में कितनी विजिट लगती हैं?
यह दांत पर, कैनाल की संख्या पर और इस बात पर निर्भर करता है कि अभी इन्फेक्शन है या नहीं। कुछ दांतों का इलाज एक ही विजिट में पूरा हो जाता है; कुछ के लिए दो या उससे ज्यादा विजिट लगती हैं।
क्या रूट कैनाल के बाद क्राउन लगवाना जरूरी है?
पीछे के दांतों पर बाद में आमतौर पर क्राउन की जरूरत होती है, क्योंकि उन पर चबाने का ज्यादा दबाव पड़ता है और उनमें दरार आ सकती है। आगे के दांतों में शायद सिर्फ फिलिंग काफी हो। कितना स्वस्थ दांत बचा है, उसके हिसाब से डेंटिस्ट सलाह देंगी।
क्या इसकी जगह दांत निकलवा देना बेहतर है?
जब दांत बच सकता हो, तो आमतौर पर अपना असली दांत रखना ही बेहतर माना जाता है, क्योंकि निकले हुए दांत की जगह भरने के लिए अक्सर ब्रिज, इम्प्लांट या डेंचर (बत्तीसी) की जरूरत पड़ती है। लेकिन कभी-कभी दांत इतना खराब हो चुका होता है कि उसे बचाया नहीं जा सकता, और तब दांत निकलवाना ही समझदारी है।
क्या RCT के बाद दांत को फिर से इलाज की जरूरत पड़ सकती है?
कभी-कभी, हां। नई सड़न, लीक होती फिलिंग या दरार से बैक्टीरिया फिर से अंदर जा सकते हैं। अच्छी तरह ब्रश करना, नियमित चेक-अप (जांच) और ठीक से फिट क्राउन दांत को बचाने में मदद करते हैं।
हर किसी का मुंह अलग होता है। आपके लिए सही इलाज तभी तय होता है जब Dr. Dhara M. Sudani आपके दांतों की जांच करती हैं और ज़रूरत हो तो एक्स-रे लेती हैं। यह पेज सामान्य जानकारी के लिए है, यह आपकी बीमारी की पहचान (डायग्नोसिस) नहीं है।




