कॉस्मेटिक डेंटिस्ट्री में वे इलाज आते हैं जिनसे आपके दांत दिखने में बेहतर होते हैं – उनका रंग, आकार, साइज या उनके बीच की छोटी जगह। कुछ लोग आगे का एक टूटा हुआ दांत ठीक करवाना चाहते हैं; कुछ लोगों को फोटो में मुस्कुराते समय दांतों पर दाग या ऊंचे-नीचे किनारों की वजह से झिझक होती है।
फिर भी हर कॉस्मेटिक इलाज की शुरुआत स्वस्थ दांतों और मसूड़ों से ही होती है। अंकलेश्वर के Divine Dental Care में डेंटिस्ट (दांतों के डॉक्टर) पहले आपके मुंह की जांच करती हैं, ध्यान से सुनती हैं कि आपको अपनी मुस्कान में क्या खटकता है, और समझाती हैं कि कौन-से विकल्प मदद कर सकते हैं, हर एक में क्या होता है और उसकी क्या सीमाएं हैं। कुछ इलाज वापस पहले जैसे किए जा सकते हैं और कुछ नहीं, और फैसला लेने से पहले यह फर्क जानना जरूरी है।
इलाज में क्या होता है
मुख्य कॉस्मेटिक इलाज ये हैं:
- दांत सफेद करना (टीथ व्हाइटनिंग) – डेंटिस्ट की देखरेख में ब्लीचिंग जेल से दांतों का असली रंग हल्का किया जाता है। इससे क्राउन, विनियर्स या फिलिंग का रंग नहीं बदलता। टीथ व्हाइटनिंग के बारे में और पढ़ें।
- कंपोजिट बॉन्डिंग – दांत के रंग का रेजिन सीधे दांत पर लगाकर आकार दिया जाता है और क्योरिंग लाइट से सख्त किया जाता है। इससे टूटे हिस्से ठीक हो सकते हैं, छोटे दाग ढक सकते हैं, छोटी जगह (गैप) बंद हो सकती है और किनारे बराबर हो सकते हैं, अक्सर एक ही विजिट में और आम तौर पर दांत को बहुत कम या बिल्कुल घिसे बिना। समय के साथ कंपोजिट पर दाग लग सकते हैं या वह टूट सकता है, और उसे पॉलिश या मरम्मत की जरूरत पड़ सकती है।
- विनियर्स – दांत के रंग की पतली परतें, जो दांतों के आगे वाले हिस्से पर चिपकाई जाती हैं, ताकि उनका रंग, आकार या लंबाई बदली जा सके। विनियर्स कंपोजिट या पोर्सिलेन से बन सकते हैं। पोर्सिलेन विनियर्स के लिए आम तौर पर इनेमल (दांत की ऊपरी सख्त परत) की एक पतली परत हटानी पड़ती है, जिसे वापस पहले जैसा नहीं किया जा सकता।
- दांत के रंग की फिलिंग और क्राउन – पुरानी काली फिलिंग को दांत के रंग की फिलिंग से बदलना, या बहुत ज्यादा खराब हो चुके दांतों के लिए सिरेमिक या जिरकोनिया क्राउन (कैप) लगाना।
जब इनमें से कई इलाज मिलाकर एक प्लान किया हुआ इलाज बनाया जाता है, तो उसे स्माइल मेकओवर कहते हैं।
मरीज आमतौर पर किन वजहों से आते हैं
- आगे के दांतों का किनारा टूटना या थोड़ा टूट जाना
- दांतों पर दाग, पीलापन या रंग एक जैसा न होना
- आगे के दांतों के बीच छोटी जगह (गैप)
- दांतों की लंबाई या आकार थोड़ा ऊंचा-नीचा होना
- पुरानी फिलिंग या क्राउन जो काले दिखते हैं या अब दांतों से मेल नहीं खाते
- शादी या घर के किसी फंक्शन से पहले मुस्कान को फ्रेश बनाना चाहते हैं
Divine Dental Care में इलाज कैसे होता है
- कंसल्टेशन (सलाह)। आप बताते हैं कि आप क्या बदलवाना चाहते हैं। डेंटिस्ट आपके दांत, मसूड़े और बाइट (ऊपर-नीचे के दांत कैसे मिलते हैं) की जांच करती हैं, और फोटो और एक्स-रे ले सकती हैं।
- पहले सेहत। कॉस्मेटिक काम से पहले किसी भी सड़न या मसूड़ों की बीमारी का इलाज किया जाता है, क्योंकि कमजोर (अस्वस्थ) नींव पर किया गया कॉस्मेटिक इलाज ज्यादा समय तक ठीक से नहीं टिकता।
- विकल्प और सीमाएं। डेंटिस्ट समझाती हैं कि कौन-से इलाज मदद कर सकते हैं, हर एक में क्या होता है, क्या उसे वापस पहले जैसा किया जा सकता है, और नतीजे आम तौर पर कितने समय तक टिकते हैं।
- रंग और आकार। बॉन्डिंग या विनियर्स के लिए रंग आपके दांतों से मिलाया जाता है। अगर आप व्हाइटनिंग भी करवाना चाहते हैं, तो वह आम तौर पर पहले की जाती है, ताकि नया काम हल्के हुए रंग से मिलाया जा सके।
- इलाज। चुना गया इलाज किया जाता है, उसमें क्या-क्या शामिल है उसके हिसाब से एक विजिट में या कई विजिट में।
- दोबारा जांच। डेंटिस्ट आपकी बाइट जांचती हैं और देखती हैं कि नतीजा कैसा दिखता और महसूस होता है, और जरूरत हो तो छोटे-मोटे बदलाव करती हैं।
इलाज के बाद देखभाल और रिकवरी
ज्यादातर कॉस्मेटिक इलाज के बाद ठीक होने में ज्यादा समय नहीं लगता। व्हाइटनिंग के बाद या विनियर्स के लिए दांत तैयार करने के बाद कुछ दिनों तक दांतों में सेंसिटिविटी (ठंडा-गरम लगना) हो सकती है, और बॉन्डिंग के बाद शुरू में आपकी बाइट थोड़ी अलग लग सकती है।
नतीजे लंबे समय तक बनाए रखने के लिए दिन में दो बार ब्रश करें, दांतों के बीच की सफाई करें, और चाय, कॉफी या पान के बाद पानी से कुल्ला करें। बॉन्डिंग या विनियर्स वाले दांतों से बर्फ, सुपारी या बोतल के ढक्कन जैसी बहुत सख्त चीजें न काटें, और अगर आप दांत पीसते हैं तो डेंटिस्ट को बताएं। नियमित चेक-अप (जांच) से छोटे टूटे हिस्से या दाग जल्दी पकड़ में आ जाते हैं और पॉलिश किए जा सकते हैं। अंकलेश्वर में कॉस्मेटिक कंसल्टेशन के लिए आप अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कौन-सा बेहतर है, कंपोजिट बॉन्डिंग या विनियर्स?
कोई भी हर किसी के लिए सही नहीं है। बॉन्डिंग जल्दी हो जाती है, आम तौर पर इसमें दांत बहुत कम या बिल्कुल नहीं घिसना पड़ता और इसकी मरम्मत आसान है, लेकिन इस पर दाग लग सकते हैं और यह टूट सकती है। पोर्सिलेन विनियर्स पर आसानी से दाग नहीं लगते, लेकिन इनके लिए थोड़ा इनेमल हटाना पड़ता है। डेंटिस्ट समझाएंगी कि आपके दांतों और आपकी इच्छा के हिसाब से क्या ठीक रहेगा।
क्या कॉस्मेटिक इलाज हमेशा के लिए रहते हैं?
नहीं। व्हाइटनिंग धीरे-धीरे फीकी पड़ती है, कुछ सालों बाद बॉन्डिंग को पॉलिश या मरम्मत की जरूरत पड़ सकती है, और विनियर्स और क्राउन को भी आखिरकार बदलना पड़ सकता है। लेकिन पोर्सिलेन विनियर्स के लिए हटाया गया इनेमल वापस नहीं आता।
क्या डेंटिस्ट सिर्फ लुक सुधारने के लिए स्वस्थ दांत घिसेंगी?
कोशिश यही रहती है कि स्वस्थ दांत जितना हो सके उतना कम हटाया जाए। जहां व्हाइटनिंग या बॉन्डिंग जैसे हल्के विकल्प से आपकी इच्छा पूरी हो सकती है, वहां डेंटिस्ट पहले उसी पर बात करेंगी।
क्या कॉस्मेटिक डेंटिस्ट्री सिर्फ जवान लोगों के लिए है?
नहीं। किसी भी उम्र के बड़े लोग कॉस्मेटिक इलाज चुनते हैं, जैसे पुरानी काली फिलिंग बदलवाने या घिसे हुए किनारे ठीक करवाने के लिए। उम्र से ज्यादा जरूरी है कि दांत और मसूड़े स्वस्थ हों।
क्या टेढ़े दांत विनियर्स से ठीक हो सकते हैं?
थोड़े ऊंचे-नीचे दांतों को कभी-कभी बॉन्डिंग या विनियर्स से बेहतर किया जा सकता है, लेकिन ब्रेसेस (तार) या अलाइनर्स से दांतों को खिसकाना दांत को कम नुकसान पहुंचाने वाला विकल्प हो सकता है। डेंटिस्ट बताएंगी कि आपके लिए क्या ठीक है।
हर किसी का मुंह अलग होता है। आपके लिए सही इलाज तभी तय होता है जब Dr. Dhara M. Sudani आपके दांतों की जांच करती हैं और ज़रूरत हो तो एक्स-रे लेती हैं। यह पेज सामान्य जानकारी के लिए है, यह आपकी बीमारी की पहचान (डायग्नोसिस) नहीं है।




