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Divine Dental Careडेंटल क्लिनिक · अंकलेश्वर

दांतों की मरम्मत

अंकलेश्वर में क्राउन और ब्रिज

खराब हुए दांतों को ढककर बचाने वाले कैप, और खाली जगह भरने वाले ब्रिज, जो मेटल, सिरेमिक या जिरकोनिया में बनते हैं।

मॉडल पर लगे डेंटल क्राउन

डेंटल क्राउन, जिसे अक्सर कैप कहा जाता है, पूरे दांत को ढक देता है। इसका इस्तेमाल तब होता है जब दांत इतना कमजोर, टूटा हुआ या ज्यादा भरा हुआ हो कि सिर्फ फिलिंग (दांत भरवाना) से ठीक न हो सके। यह दांत के बचे हुए हिस्से को बचाता है, ताकि आप उससे फिर से चबा सकें।

ब्रिज एक या ज्यादा निकल चुके दांतों की जगह भरता है – इसमें नकली दांतों को खाली जगह के दोनों तरफ के दांतों पर लगे क्राउन से जोड़ा जाता है। अंकलेश्वर के Divine Dental Care में क्राउन मेटल, सिरेमिक या जिरकोनिया में बनाए जाते हैं, और डेंटिस्ट (दांतों के डॉक्टर) समझाती हैं कि दांत की जगह, आपके बाइट (ऊपर-नीचे के दांत कैसे मिलते हैं) और आप उसे कैसा दिखाना चाहते हैं, इसके हिसाब से कौन सा मटीरियल सही रहेगा।

इलाज में क्या होता है

क्राउन लगाने के लिए लोकल एनेस्थीसिया (इंजेक्शन से हिस्सा सुन्न करना) देकर दांत को घिसकर आकार दिया जाता है, ताकि क्राउन उस पर बैठ सके। दांत का नाप (इम्प्रेशन) लिया जाता है और क्राउन को फिट होने लायक बनाया जाता है, आमतौर पर डेंटल लैब में। तब तक एक टेम्पररी (कुछ दिनों के लिए) क्राउन दांत को बचाता है। अगली विजिट पर फिटिंग, बाइट और रंग जांचा जाता है और क्राउन को सीमेंट से अपनी जगह पर लगा दिया जाता है।

मुख्य मटीरियल ये हैं:

  • मेटल क्राउन – मजबूत होते हैं और इनके लिए दांत को कम घिसना पड़ता है; अक्सर पीछे के दांतों पर लगाए जाते हैं, जहां दिखावट उतनी मायने नहीं रखती
  • सिरेमिक क्राउन – दांत के रंग के, जिनमें मेटल-सिरेमिक क्राउन (मेटल के बेस पर पोर्सिलेन) और ऑल-सिरेमिक क्राउन (पूरे सिरेमिक के) आते हैं, जो आगे के दांतों पर प्राकृतिक दिख सकते हैं
  • जिरकोनिया क्राउन – दांत के रंग का एक मजबूत सिरेमिक, जो आगे या पीछे के दांतों पर लगाया जा सकता है

ब्रिज के लिए खाली जगह के दोनों तरफ स्वस्थ और मजबूत दांत चाहिए। उन दांतों को क्राउन के लिए घिसकर आकार दिया जाता है, और फिर ये क्राउन बीच के नकली दांत या दांतों को थामे रखते हैं। चूंकि इसमें बगल के दांतों को घिसना पड़ता है, इसलिए डेंटिस्ट दूसरे विकल्प के तौर पर डेंटल इम्प्लांट या पार्शियल डेंचर (कुछ दांतों वाला डेंचर) के बारे में भी बात कर सकती हैं।

मरीज आमतौर पर किन वजहों से आते हैं

  • पीछे का दांत, जिसका रूट कैनाल ट्रीटमेंट हुआ हो
  • टूटा हुआ, दरार वाला या बहुत घिसा हुआ दांत
  • बड़ी पुरानी फिलिंग, जो बार-बार टूटती है
  • आगे का ऐसा दांत जिसका रंग बदल गया हो या आकार बिगड़ा हो (यह भी देखें: कॉस्मेटिक डेंटिस्ट्री)
  • एक या ज्यादा दांत न होना, जबकि दोनों तरफ के दांत मजबूत हों
  • पुराना क्राउन या ब्रिज, जो ढीला हो, किनारे से टूटा हो या अब ठीक न दिखता हो

Divine Dental Care में इलाज कैसे होता है

  1. जांच और एक्स-रे। डेंटिस्ट दांत, जड़ और मसूड़े की जांच करती हैं, आमतौर पर कम रेडिएशन वाले डिजिटल एक्स-रे के साथ, ताकि पक्का हो सके कि दांत क्राउन को संभाल सकता है।
  2. मटीरियल चुनना। मेटल, सिरेमिक और जिरकोनिया के विकल्प समझाए जाते हैं, और दांत के रंग वाले क्राउन के लिए रंग (शेड) को बगल के दांतों से मिलाया जाता है।
  3. दांत तैयार करना। लोकल एनेस्थीसिया देकर दांत को आकार दिया जाता है और नाप (इम्प्रेशन) लिया जाता है।
  4. टेम्पररी क्राउन। जब तक पक्का क्राउन बनता है, तब तक एक टेम्पररी क्राउन दांत को बचाता है।
  5. लगाना। पक्का क्राउन या ब्रिज लगाकर देखा जाता है, आपके बाइट के हिसाब से ठीक किया जाता है और सीमेंट से लगा दिया जाता है।

इलाज के बाद देखभाल और रिकवरी

दांत को आकार देने के बाद और क्राउन लगने के बाद कुछ दिनों तक दांत में हल्की सेंसिटिविटी या दुखन हो सकती है। टेम्पररी क्राउन रहने तक उस तरफ से चिपचिपा और बहुत सख्त खाना न खाएं, और फ्लॉस (दांत साफ करने का धागा) को ऊपर खींचने की बजाय बगल से सरकाकर निकालें, ताकि टेम्पररी क्राउन ढीला न हो। अगर टेम्पररी क्राउन निकल जाए, तो उसे संभालकर रखें और क्लिनिक से संपर्क करें।

पक्का क्राउन लग जाने के बाद उसकी देखभाल असली दांत की तरह करें। जहां क्राउन और दांत मिलते हैं, उस किनारे पर फिर भी सड़न (कीड़ा लगना) हो सकती है, इसलिए दिन में दो बार ब्रश करें और रोज दांतों के बीच सफाई करें। ब्रिज में नकली दांत के नीचे सफाई के लिए फ्लॉस थ्रेडर (धागा डालने वाला) या छोटे इंटरडेंटल ब्रश (दांतों के बीच साफ करने वाले ब्रश) इस्तेमाल करें। अगर आप दांत पीसते हैं या मुंह बंद करने पर क्राउन ऊंचा लगे, तो डेंटिस्ट को बताएं। जब आप तैयार हों, तो दांत की जांच करवाने के लिए अंकलेश्वर के क्लिनिक में अपॉइंटमेंट बुक करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मेरे लिए कौन सा क्राउन मटीरियल सही है?

यह दांत की जगह, कितना दांत बचा है, आपके बाइट और आप उसे कैसा दिखाना चाहते हैं, इस पर निर्भर करता है। पीछे के दांतों के लिए अक्सर मेटल इस्तेमाल होता है, जबकि जहां दिखावट मायने रखती है वहां सिरेमिक या जिरकोनिया चुना जाता है। डेंटिस्ट आपके दांत के लिए विकल्प समझाएंगी।

क्राउन कितने साल चलता है?

अच्छी देखभाल और नियमित चेक-अप (जांच) के साथ क्राउन अक्सर कई साल चलते हैं। यह मटीरियल, आपके बाइट, दांत पीसने की आदत और दांत व मसूड़े की कितनी अच्छी देखभाल होती है, इस पर निर्भर करता है। कोई भी क्राउन हमेशा नहीं चलता।

क्या क्राउन लगवाने में दर्द होता है?

दांत को आकार देने से पहले सुन्न किया जाता है, इसलिए आपको दर्द की जगह दबाव और कंपन महसूस होना चाहिए। बाद में कुछ दिनों तक हल्की सेंसिटिविटी होना आम है।

अगर खाली जगह के बगल वाले दांत कमजोर हों, तो क्या ब्रिज लग सकता है?

आमतौर पर नहीं। ब्रिज सहारे के लिए बगल के दांतों पर टिका होता है, इसलिए उनका मजबूत और स्वस्थ होना जरूरी है। अगर वे ऐसे नहीं हैं, तो इम्प्लांट या डेंचर (बत्तीसी) बेहतर विकल्प हो सकता है।

क्या लोगों को मेरा क्राउन दिखेगा?

सिरेमिक और जिरकोनिया क्राउन का रंग आपके दांतों से मिलाया जाता है, ताकि वे बाकी दांतों में घुल-मिल जाएं। मेटल क्राउन दिखते हैं, लेकिन आमतौर पर पीछे के दांतों पर लगाए जाते हैं।

हर किसी का मुंह अलग होता है। आपके लिए सही इलाज तभी तय होता है जब Dr. Dhara M. Sudani आपके दांतों की जांच करती हैं और ज़रूरत हो तो एक्स-रे लेती हैं। यह पेज सामान्य जानकारी के लिए है, यह आपकी बीमारी की पहचान (डायग्नोसिस) नहीं है।

Divine Dental Care

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